मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी
रानीगंज । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी रानीगंज एरिया कमेटी की ओर से रानीगंज गर्ल्स कॉलेज में मतगणना के दरमियां प्रतियासी संजय हेंब्रम पर हुई जानलेवा हमला के विरोध में रानीगंज पंजाबी मोर फारी के सामने अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग जोरदार भारी संख्या में समर्थकों के साथ धरना प्रदर्शन किया। पंजाबी मोर पर सर्वप्रथम नुक्कड़ सभा की गई। वहां से रैली निकालकर अमृत सोता पंजाबी मोर पारी के सामने आज शाम को उत्तेजना पूर्वक प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ माकपा नेता सुप्रियो राय कर रहे थे उनके साथ विजय प्रत्याशी संजय हेंब्रम पूर्व विधायक रूनू दत्ता भी उपस्थित थे।
कमेटी की ओर से वरिष्ठ माकपा नेता वा पूर्व विधायक रुनू दत्ता ने कहा कि चुनाव के पश्चात काउंटिंग के दिन हमारे प्रत्याशी संजय हेंब्रम पर जानलेवा हमला की गई। यह सब पुलिस प्रशासन एवं वीडियो अधिकारी के सामने हुई। इस प्रकार की घटना से यह साबित हो चुका है लोकतंत्र की रक्षा करने वाले रक्षक ही भक्षक हो गए हैं हम लोग इस घटना को जब तक न्याय नहीं मिलेगी आंदोलन करते रहेंगे आज हम लोगों ने खाने में प्राथमिकी दर्ज की है। वरिष्ठ मकपा नेता सुप्रियो राय ने कहा कि पूरे पश्चिम बंगाल में चुनाव के पूर्व से लेकर राज्य के मुख्यमंत्री एवं उनके भतीजा ने जो रचना रची थी उसमें वे लोग सफल हुए हैं लोकतंत्र की हत्या हुई है स्वतंत्र होकर लोग वोट नहीं दे पाए हैं 46 लोगों की मौत हुई है इतना ही नहीं हजारों लोग घायल भी हुए हैं।
तृणमूल कांग्रेस जिस रूप से संतरा संत्रास कायम कर राज्य में चुनाव जीतना चाहती है उसे हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। एक तरफ राज्य के मुख्यमंत्री चारों तरफ आदिवासी समाज के रक्षा की बात करते हैं उनके अधिकार की बात करते हैं वही बांसरा गांव के आदिवासी युवा नेता संजय हेंब्रम पर जिस प्रकार से हमला हुई इतना ही नहीं वहां के अन्य आदिवासियों पर भी चुनाव के पहले से हमला हो रही है। वही संजय है ब्रह्मदेव हेंब्रम ने कहा कि सेंट्रल फोर्स की वजह से हम लोग को यहां मतदान में हिस्सा लेने का मौका मिला अन्यथा हम लोग की हत्या हो गई होती.
इतना ही नहीं हमारे विजय प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र लेने में भी काफी मुस्कत्त करनी पड़ी। घंटों उन्हें बैठाया गया। आज जिस प्रकार से एक तरफ भाईपो क्षेत्र के तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मंत्री कोयला बालू के काले धंधे में लिप्त हैं वही दूसरी तरफ नवानो के 11 तल्ला में बैठने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का यही प्रयास है कि इस राज्य से विरोधियों को हटाए ।