You will be redirected to an external website

पहलवानों ने बैरिकेड तोड़ा, पुलिस ने हिरासत में लिया

पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया

भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण सिंह के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। दरअसल, पहलवान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर नए संसद भवन की तरफ मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। जिस पर पुलिस ने उन्हें रॉयल प्लाजा गोल चक्कर से पहले ही हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार पहलवान साक्षी मलिक, संगीता फोगाट और बजरंग पूनिया को हिरासत में लिया गया है। उनके साथ कई और पहलवान भी हैं। वहीं, हिरासत में लिए गए पहलवानों को अलग-अलग पुलिस स्टेशन में ले जाया गया है। उनके साथ काफी संख्या में समर्थक भी हिरासत में लिए गए हैं। पुलिस ने पहलवान जिस जगह पर प्रदर्शन कर रहे थे, उस जगह को अब खाली करा रही है। जंतर मंतर से बड़े-बड़े कूलर, खाने-पीने के सामान, टेंट का सामान, गद्दे-फोल्डिंग, पलंग सभी को पुलिस की तरफ से हटाया गया है। पहलवानों के टेंट तंबू को पुलिस ने पूरी तरह से हटा दिया है।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शनिवार को पहलवानों द्वारा जारी किये गए वीडियो के बाद से काफी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवान अर्धसैनिक बलों के जवान महिला पुलिसकर्मी की जंतर-मंतर में तैनाती कर दी गई थी। वहीं दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे पहलवानों के समर्थन में रविवार को आयोजित होने वाली महिला सम्मान महापंचायत में शामिल होने के लिए दिल्ली यूपी के गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत व उनके साथ आये समर्थक को बॉर्डर पर ही पुलिस ने रोक दिया।

इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा कि उन्हें दिल्ली जाने नहीं दिया जा रहा है, गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग कर भारी तादाद में पुलिस बल को तैनात किया गया है। नई संसद भवन के उद्घाटन पर उन्होंने कहा कि अगर भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति करतीं तो अच्छा होता। राष्ट्रपति प्रधानमंत्री से बड़ा होता है। राष्ट्रपति उद्घाटन करता तो पूरे देश का सम्मान होता।

बढ़ती भीड़ को देखते हुए लगाई धारा 144

किसान नेता राकेश टिकैत के दिल्ली जाने के आह्वान के बाद दिल्ली-यूपी-गाजीपुर बॉर्डर को सुबह ही पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया था। किसानों के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस के जवानों को बॉर्डर पर तैनात किया गया था। वहीं 11 बजते ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हुई। ऐसे में दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर बैनर लगाकर साफ कर दिया है कि यहां धारा 144 लागू है और इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला पंचायत में शामिल होने से रोकने पर जेएनयू के छात्रों ने प्रदर्शन किया। वहीं पुलिस ने बढ़ती भीड़ को देखते हुए 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर अलग-अलग थानों में उन्हें भेजा।

नेताओं ने भी दिया समर्थन
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि देश का मान बढ़ाने वाले हमारे खिलाड़ियों के साथ ऐसा बर्ताव बेहद गलत एवं निंदनीय। वहीं दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय ने ट्वीट कर कहा, “देश की बेटियों के साथ केंद्र सरकार द्वारा दुर्व्यवहार बेहद दुःखद है। सत्ता के नशे में चूर हुक्मरानों को देश की बेटियों की चीख-पुकार आखिर सुनाई क्यों नहीं दे रही है।”

इस बीच दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने पहलवान साक्षी मलिक का फोटो ट्वीट में शेयर कर कहा, “ये हैं साक्षी मलिक। ओलंपिक पदक विजेता, पद्म श्री और खेल रत्न पुरस्कार विजेता। इस तरह आज दिल्ली की सड़कों पर घसीटा गया। ये देश के चैम्पियंस हैं आतंकवादी नहीं, शर्मनाक।”

AUTHOR :Parul Kumari

अमृतसर-में-पुलिस-से-भिड़े-हजारों-खालिस्तान-समर्थक,-अपने-साथी-के-विरोध-में-उठाये-बंदूक-व-तलवार Read Previous

अमृतसर में पुलिस से भिड़...

Read Next

नीति आयोग की बैठक में शाम...