अरुणाचल प्रदेश
भारत अपनी विविधता और अपनी संस्कृति के लिए पूरी दुनिया मे जाना जाता है विदेश से आने वाले लोग भी भारत की संस्कृति और यहां की परंपरा के दीवाने हो जाते है भारत में कई तरह की भाषा बोली जाती है लेकिन कुछ ऐसी भाषाएं भी है जो आप विलुप्त हो चुकी है लेकिन आज हम आपको भारत में कुछ ऐसी बोलियों के बारे मे आपको बताएगे जिनके बारे मे आप शायद नहीं जानते होंगे।
ए टोंग
ए टोंग एक गारो भाषा है और ये सिनो –तिब्बती लोग बोलते है भाषा का नाम और उनके बोलने के तरीके पर लिखा जाता है और ये भाषा आप मेघायल औ असम में सुन सकते है।
कोंडा या कुबी
ये एक फेमस और एक द्रविंड़ भाषा है जो मुख्य तौर पर कोंडा-डोरा की अनुसूचित जनजाति की भाषा है ये आपको आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी, श्रीकाकुलम और विजयगरम जिले जिलों में सुनने को मिलेगी ओडिशा के कुछ हिस्सों में इसे बोला जाता है।
ज़ेमे
सिनो तिब्बती भाषा में ये भी शामिल है ये भाषा जेमे को जेमी, एम्पो कचा और जेमे के नाम पर है और मुख्य रुप ये आपको ये भाषा नागालैंड में सुनने को मिलेगा जहां के आदिवासी लोग इस बोलते है
तकपा
तकपा भाषा को अरुणाचल प्रदेश के लोगों को बोलते हुए आप सुन सकते है अरुणाचल प्रदेश के लोग इस भाषा को बोलते है और बेहद पसंद करते है भूटाम मे ब्रामी नाम से इसे जाना जाता है और भारत के सबसे लुप्त भाषा में आती है।
स्पीति भोटी
ये भाषा हिमाचल प्रदेश के हिस्सों में बोली जाती है और ये प्रसिद्ध स्पीति घाटी के लोग बोलते है आज के वक्त में ये भाषा खतरें में है जो विलुप्त हो गई है।
कच्छी
कच्छी भाषा मुख्य रुप से गुजरात के कच्छ मे बोली जाती है और ये भाषा आज विलुप्त हो गई हैयहां सिंधी एक बोली है जो पाकिस्तान के लोग भी बोलते है।