भाई विवेक ओबेरॉय से कभी नहीं रहा अक्षय का रिश्ता, कहा- हमारे परिवारों में बनती नहीं
बॉलीवुड में कजिन भाई की जोड़ी देखने को मिल जाती है। यहां तक कि एक-दूसरे की मदद करते भी रहते है। लेकिन विवेक ओबेरॉय के कजिन भाई और एक्टर अक्षय ओबेरॉय ने कुछ ऐसा खुलासा कर दिया, जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है। उन्होंने कहा अपने करियर में कभी अपने भाई के नाम का सहारा नहीं लिया और अपनी दम पर सब कुछ हासिल किया।
'फ्री प्रेस जर्नल' को दिए इंटरव्यू में अक्षय ने बताया कि उन्होंने बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में नाम बनाने के लिए कभी भाई विवेक ओबेरॉय के नाम का सहारा नहीं लिया। उन्होंने कहा, 'किसी को इंडस्ट्री में नहीं पता हम रिश्तेदार हैं। यहां तक कि कास्टिंग करने वालों को भी नहीं और मैंने कभी बताया भी नहीं।'
अक्षय ओबेरॉय ने आगे कहा, 'ऐसा भी नहीं था कि मैं उन्हें फोन करके उनसे बात कर पाता। बल्कि दुख के साथ कहता हूं कि हमारे बीच कोई रिश्ता नहीं था। तो, मैं उन्हें फोन करके क्या पूछता? मैं बस अपने रास्ते पर चलता रहा।'
उन्होंने आगे कहा कि मेरे मन में कभी विवेक के नाम का इस्तेमाल करने का विचार नहीं आया, क्योंकि उनके आस-पास के लोग और दोस्त भी वैसा नहीं थे। उन्होंने कहा- मुझे हमेशा पता था कि कोई मेरी मदद नहीं करेगा। मेरे पास कोई मेंटर, गॉडफादर या मार्गदर्शक नहीं था। अब जब मैं कुछ हासिल कर रहा हूं, तब लोग इस रिश्ते को जोड़ रहे हैं।
जब पत्रकार मुझसे पूछते हैं, पहले जिन डायरेक्टर्स के साथ मैंने काम किया, वे कहते हैं, ‘तुमने कभी बताया नहीं.’ मैं कहता हूं – मैं क्या बताता? कुछ बताने के लिए कुछ होना चाहिए न… हमारे परिवारों में कभी तालमेल नहीं रहा और मैं यहां था। शायद हम एक फैमिली के तौर पर बदकिस्मत रहे।
आपको जानकारी में बता दे, अक्षय ओबेरॉय वेटरन एक्टर सुरेश ओबेरॉय के भाई कृष्ण ओबेरॉय के बेटे हैं। इस नाते, अक्षय जहां सुरेश ओबेरॉय के भतीजे हुए, वहीं विवेक के कजिन भाई।
बता दे, अक्षय ने साल 2010 में राजश्री प्रोडक्शंस की फिल्म 'इसी लाइफ में' से मुख्य भूमिका में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वह 'पीकू', 'फितूर', 'कालाकांडी', 'लव हॉस्टल', 'गैसलाइट', 'फाइटर' जैसी फिल्मों से अपने नाम का लोहा मनवा चुके है।