धनखड़ के इस्तीफे पर बोले अमित शाह, कहा - हमें बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई को अचानक अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चिट्ठी लिखकर स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफे का ऐलान किया। लेकिन उनके अचानक इस्तीफे के चलते मीडिया में विपक्ष ने कई तरह के सवाल खड़े किये। अब धनखड़ के इस्तीफे पर गृहमंत्री अमित शाह ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है।
एएनआई के साथ एक पॉडकास्ट में में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "धनखड़ साहब का इस्तीफा अपने आप में स्पष्ट है। उन्होंने अपने इस्तीफे के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों तथा सरकार के सदस्यों के अच्छे कार्यकाल के लिए उनके प्रति हार्दिक आभार भी व्यक्त किया है। धनखड़ जी एक संवैधानिक पद पर थे और अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संविधान के अनुसार अच्छा काम किया। हमें बात का बतंगड़ नहीं बनाना चाहिए।"
विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि सच और झूठ की व्याख्या केवल विपक्ष के बयानों पर निर्भर नहीं करता। उन्होंने कहा कि 130वें संविधान संशोधन बिल का विरोध करने के पीछे विपक्ष की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने इस बिल के जरिये राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, "मनमोहन सिंह द्वारा लालू यादव को बचाने के लिए लाया गया ऑर्डिनेंस राहुल गांधी ने फाड़ दिया था. उस दिन नैतिकता थी तो क्या आज नहीं है? या फिर अब तीन बार चुनाव हारने के बाद नैतिकता खत्म हो गई?" शाह ने साफ़ कहा किबिल पास होकर रहेगा।