बिहार में बोले तमिलनाडु मुख्यमंत्री, कहा - 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाना आतंकवाद से भी ज्यादा खतरनाक
कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तेजस्वी यादव बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ निकाल रहे हैं। बुधवार को उनकी यह यात्रा दरभंगा से मुजफ्फरपुर पहुंची। इस यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनकी बहन कनिमोझी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री मंच से तमिल भाषा में भाषण दिया। इसका अनुवाद एक व्यक्ति हिन्दी भाषा में कर रहा था।
एमके स्टालिन ने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए हाथ मिलाया है, बिहार चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा। बिहार के लोग समझ चुके है उनके साथ सरकार ने कितना बड़ा धोखा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने पूछा, "क्या 65 लाख लोगों के नाम (ड्राफ्ट मतदाता सूची से) हटाना आतंकवाद से भी बदतर नहीं है?" उन्होंने गठबंधन सहयोगी की सराहना करते हुए कहा, "लेकिन आप राहुल गांधी को डरा नहीं सकते।"
स्टालिन अपने पुराने बयान से चर्चा में
मुख्यमंत्री स्टालिन का सोशल मीडिया एक पुरानाबयान वायरल हो रहा है कि जिसमे उन्होंने बिहार के लोगों पर तंज कसा था। इसमें उन्होंने कहा था कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोग बड़ी संख्या में तमिलनाडु आकर रोजगार करते हैं, यहां के लोगों कि नौकरियां छीन लेते हैं। इस बयान को बिहारियों ने अपनी अस्मिता और मेहनत पर हमला माना था। तब बिहार के लोग उनसे नाराज है।